सोमवार, अप्रैल 20, 2009

दर्द

दर्द कोई हमदम तो नहीं,
कि गुज़रते वक्त पे छोड़ दूं,
वो तो मेरा साया है,
वो कब्र तक साथ जायेगा.

1 टिप्पणी:

sangeeta modi shamaa ने कहा…

khushi to beti thi praye ghar chali gai
dard ne beta bankar mera sath nibhaya