मंगलवार, सितंबर 07, 2004

बातें, कही अनकही

बातें, कही अनकही
पड़ी रह जाती हैं ।

जैसे सुबह की नर्म दूब पर पड़ी
ओस की बूंदें ।

जब कभी पाँव पड़ जाये
तो गुदगुदी सी होती है ।

या फिर डायरी के पन्नों पर पड़े
स्याही के कुछ छींटे ।

पीले पड़ते पन्नों पर,
चमक कभी नहीं जाती ।

बातें,
बस वही तो रह जाती हैं ।

- आनन्द जैन

6 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

बातें, कही अनकही
पड़ी रह जाती हैं ।

जैसे सुबह की नर्म दूब पर पड़ी
ओस की बूंदें ।

जब कभी पाँव पड़ जाये
तो गुदगुदी सी होती है ।

या फिर डायरी के पन्नों पर पड़े
स्याही के कुछ छींटे ।

पीले पड़ते पन्नों पर,
चमक कभी नहीं जाती ।

बातें,
बस वही तो रह जाती हैं ।

बेनामी ने कहा…

how do u write it in devnagri script?

Manoj Jha ने कहा…

आज पहली ‍बार आप के चिठे पर आ का और हि*दी में टाइप कर अछा लगा है।

बेनामी ने कहा…

vah vah kya baat hai

talent ने कहा…

baatein bhul jati hain....yaadein yaad aati hain...

Unknown ने कहा…

Best bets for soccer today - Sports Toto
Today, we're going to tell you a few key to checking into soccer betting apps. septcasino of the most herzamanindir popular soccer betting options and which 오래된 토토 사이트 ones will 바카라 사이트