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सोमवार, जनवरी 22, 2018

गणतंत्र

हम स्वतंत्र, हम गणतंत्र,
शांति है हमारा मंत्र,

उद्यम के गीत हैं,
आतंक का शोर नहीं,
हो दुश्मन सावधान,
शांत हैं हम,
कमज़ोर नहीं.

बुधवार, अगस्त 19, 2009

सूरज - बाल कविता


सुबह रोज मैं आता हूं,
तुम सबको दौड़ाता हूं,
शाम को फिर मैं छुप जाऊं,
चंदा को आवाज लगाऊं,
मेरे प्यारे चलते रहना,
सपने सुंदर वुनते रहना.